आप तक डेस्क (देहरादून)
उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ, आखिर कब तक ?
उत्तराखंड के सभी जनपदों में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जब से स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, ठीक उसके बाद उत्तराखंड के सभी जनपदों में उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर अनेकों शिकायतों के साथ-साथ जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है ,लोगों का कहना है स्मार्ट मीटर स्थापित करने से पूर्व में जिन उपभोक्ताओं का बिल प्रति माह दर लगभग ₹500 से लेकर ₹600 तक आता था , उन उपभोक्ताओं का बिजली बिल अब लगभग 1000 हजार रुपए से लेकर₹1500 रुपए तक आ रहा है, और उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा उपभोक्ताओं को अब हार्ड कॉपी के रूप में किसी भी प्रकार की साक्ष्य प्रति सुलभ नहीं की जा रही है, मन-माने तौर तरीके से मासिक बिजली बिल ,को ऑनलाइन मैसेज के द्वारा भेजा जा रहा है , जिसका साक्ष्य को लेकर उपभोक्ताओं के पास कोई भी प्रमाण नहीं है , मनमाने तौर तरीके से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर थोपे जाने की वजह से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है ,और आम जनता के आक्रोश के मध्य जो समस्याएं आ रही है उसे कुछ इस तरह व्यक्त किया जा रहा है
- स्मार्ट मीटर लगने के बाद दिल पूर्व की तुलना में कई गुना अधिक आ रहे हैं
- विगत कई महीनो के औसत बिल से अधिक धनराशि वसूली जा रही है
- मीटर रीडिंग में पारदर्शिता का अभाव , उपभोक्ता को नहीं मिल रही सटीक जानकारी
- शिकायतों के बावजूद समाधान में हो रही देरी से उपभोक्ता परेशान और निराश
- शायरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं में बढ़ रहा आक्रोश


